₹18 करोड़ की दुधवा दाय तट नहर लाइनिंग में गुणवत्ता पर सवाल, बारिश में क्षतिग्रस्त हुआ निर्माण..
शामतरा के पास लगभग 4.50 किमी क्षेत्र में नहर को नुकसान, किसानों के खेत प्रभावित; पूर्व में भी गुणवत्ता को लेकर विधायक से की गई थी शिकायत..

कांकेर/नरहरपुर। नरहरपुर विकासखंड की महत्वाकांक्षी दुधवा दाय तट नहर जीर्णोद्धार एवं नहर लाइनिंग परियोजना की गुणवत्ता पर गंभीर सवाल उठने लगे हैं। छत्तीसगढ़ शासन द्वारा लगभग ₹18 करोड़ की लागत से ग्राम दुधवा से लारगांव मरकाटोला तक करीब 27 किलोमीटर लंबी नहर के जीर्णोद्धार एवं लाइनिंग कार्य को स्वीकृति दी गई है। इस परियोजना का उद्देश्य लगभग 3,000 एकड़ कृषि भूमि को सिंचाई सुविधा उपलब्ध कराना है।
जानकारी के अनुसार निर्माण कार्य ठेकेदार सुनील अग्रवाल द्वारा कराया जा रहा है। इसी बीच लगातार बारिश के दौरान ग्राम शामतरा के पास लगभग 4 .50 किलोमीटर क्षेत्र में नहर का निर्माण क्षतिग्रस्त होने की बात सामने आई है। ग्रामीणों का आरोप है कि नहर क्षतिग्रस्त होने से आसपास के किसानों के खेतों को भी नुकसान पहुंचा है, जिससे निर्माण की गुणवत्ता पर सवाल खड़े हो गए हैं।
गुणवत्ताहीन निर्माण कार्य के कारण शुरू से ही नहर क्षतिग्रस्त होने से 27 किलोमीटर तक नहर में पानी पहुंचाना असमंजस बना हुआ है
ग्रामीणों का कहना है कि इससे पहले भी किसानों ने निर्माण कार्य की गुणवत्ता को लेकर क्षेत्रीय विधायक आसाराम नेताम से शिकायत की थी। शिकायत के बाद विधायक ने जल संसाधन विभाग के कार्यपालन अभियंता तथा संबंधित अधिकारियों-कर्मचारियों को निर्माण कार्य में गुणवत्ता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए थे। इसके बावजूद यदि निर्माण कार्य अल्प अवधि में ही क्षतिग्रस्त हुआ है, तो यह विभागीय निगरानी और निर्माण गुणवत्ता पर प्रश्नचिह्न खड़ा करता है।
ग्रामीणों एवं किसानों ने मामले की उच्च स्तरीय तकनीकी जांच कराकर निर्माण कार्य की गुणवत्ता का परीक्षण कराने तथा यदि किसी प्रकार की अनियमितता या लापरवाही पाई जाती है तो संबंधित अधिकारियों, कर्मचारियों एवं ठेकेदार के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई करने की मांग की है।
“अब देखना है की किस-किस पर कार्रवाई होती है कार्रवाई का अगला समाचार विशेष”


