स्टाइपेंड बढ़ाने की मांग को लेकर एमबीबीएस इंटर्न डॉक्टर अनिश्चितकालीन हड़ताल पर….
आपातकालीन सेवाएं रहेंगी जारी, 30 हजार रुपये प्रतिमाह स्टाइपेंड की मांग...

कांकेर, 4 अगस्त। छत्तीसगढ़ के सभी शासकीय चिकित्सा महाविद्यालयों के एमबीबीएस इंटर्न डॉक्टर मंगलवार से अपनी प्रमुख मांगों को लेकर अनिश्चितकालीन शांतिपूर्ण हड़ताल पर चले गए हैं। इसी क्रम में स्वर्गीय श्रीमती इंदिरा गांधी मेमोरियल शासकीय चिकित्सा महाविद्यालय, कांकेर के इंटर्न डॉक्टरों ने भी हड़ताल शुरू कर दी है।
इंटर्न डॉक्टरों ने बताया कि उनका आंदोलन पूरी तरह शांतिपूर्ण एवं लोकतांत्रिक है। मरीजों के हितों को ध्यान में रखते हुए अस्पताल की आपातकालीन सेवाएं पूर्ववत संचालित की जाएंगी, ताकि किसी भी मरीज को असुविधा का सामना न करना पड़े।
इंटर्न डॉक्टरों की मुख्य मांग वर्तमान में मिलने वाले 15,900 रुपये प्रतिमाह के स्टाइपेंड को बढ़ाकर 30,000 रुपये प्रतिमाह किए जाने की है। उनका कहना है कि छत्तीसगढ़ में इंटर्न डॉक्टरों को अन्य राज्यों की तुलना में काफी कम स्टाइपेंड मिलता है। उनके अनुसार पश्चिम बंगाल में लगभग 43 हजार रुपये, ओडिशा में 42 हजार रुपये, बिहार में 27 हजार रुपये, जबकि कई अन्य राज्यों में 30 हजार से 45 हजार रुपये तक स्टाइपेंड दिया जा रहा है।
डॉक्टरों का कहना है कि उनके कार्यभार और जिम्मेदारियों को देखते हुए छत्तीसगढ़ में भी सम्मानजनक स्टाइपेंड दिया जाना चाहिए। उन्होंने राज्य सरकार से मांग की है कि इस विषय पर शीघ्र सकारात्मक निर्णय लिया जाए।
इंटर्न डॉक्टरों ने चेतावनी दी है कि यदि उनकी मांगों पर जल्द निर्णय नहीं लिया गया तो आंदोलन के अगले चरण में बॉन्डेड जूनियर रेजिडेंट, पीजी डॉक्टर एवं अन्य रेजिडेंट डॉक्टर भी आंदोलन में शामिल होकर ड्यूटी का बहिष्कार कर सकते हैं।
इंटर्न डॉक्टरों ने स्पष्ट किया कि सरकार द्वारा उनकी मांगें पूरी किए जाने तक उनका अनिश्चितकालीन आंदोलन जारी रहेगा।
आंदोलन का नेतृत्व इंटर्न बैच-2021 के प्रतिनिधि डॉ. बुधराज टंडन, डॉ. प्रशांत अलेंद्र, डॉ. क्षिति चंद्राकर, डॉ. सोनू कुमार, डॉ. विशाल प्रताप सिंह, डॉ. प्राची सिंह, डॉ. मोरजध्वज, डॉ. सुजीत रवि, डॉ. श्रेया वर्मा, डॉ. प्रथम कुमार, डॉ. जयप्रकाश कुर्रे एवं अन्य इंटर्न डॉक्टर कर रहे हैं।


