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स्व. रामसेवक रजक: साधारण जीवन में असाधारण व्यक्तित्व की प्रेरक कहानी…

स्वर्गीय श्री रामसेवक रजक का जीवन संघर्ष, अनुशासन और आदर्शों की मिसाल रहा है...

कांकेर छत्तीसगढ़/ शिक्षा और समाज सेवा के क्षेत्र में अपना अमिट योगदान देने वाले स्वर्गीय श्री रामसेवक रजक का जीवन संघर्ष, अनुशासन और आदर्शों की मिसाल रहा है। वे सेवानिवृत्त प्रधान अध्यापक, वेतन केन्द्र प्रभारी एवं पैराडाइज हायर सेकेण्डरी स्कूल से जुड़ी ग्लोरी शिक्षा एवं सामाजिक समिति के पूर्व अध्यक्ष रहे। अपने सादगीपूर्ण जीवन के बावजूद उनका व्यक्तित्व अत्यंत प्रभावशाली, ईमानदार और सेवा भाव से परिपूर्ण था।
स्व. रामसेवक रजक ने शिक्षा को केवल पेशा नहीं, बल्कि समाज निर्माण का माध्यम माना। वे न केवल एक कुशल शिक्षक थे, बल्कि विद्यार्थियों और सहकर्मियों के लिए मार्गदर्शक भी रहे। उनके जीवन में अनुशासन, कर्तव्यनिष्ठा और मानवीय संवेदनाएं स्पष्ट रूप से झलकती थीं।
उनके पुत्र धीरज कुमार रजक, जो वर्तमान में व्याख्याता के रूप में कार्यरत हैं, अपने पिता को याद करते हुए भावुक हो उठते हैं। वे बताते हैं कि पिता के रूप में स्नेह और शिक्षक के रूप में अनुशासन—दोनों का अद्भुत संतुलन उन्होंने हमेशा देखा। बचपन में मिली सीख और सरल शब्दों में दिया गया मार्गदर्शन आज भी उनके जीवन का आधार है।
एक प्रसंग को याद करते हुए वे बताते हैं कि बचपन में एक बार वे अनजाने में घर से दूर बीडीओ कार्यालय तक पहुंच गए थे। उस समय पिता ने उन्हें डांटने के बजाय प्यार से समझाया और सुरक्षित घर लेकर आए। इसी तरह हर रविवार सुभाष वार्ड के साप्ताहिक बाजार में साथ जाना, सब्जी खरीदना और होटल में बालूशाही खिलाना—ये छोटे-छोटे पल आज भी यादों में जीवंत हैं।
स्व. रजक का कार्यकाल विशेष रूप से उल्लेखनीय रहा, जब वे कांकेर ब्लॉक के वेतन केन्द्र प्रभारी थे। उस समय पूरे ट्रायबल क्षेत्र के शिक्षकों को समय पर नगद वेतन वितरण करना एक बड़ी जिम्मेदारी थी, जिसे उन्होंने पूरी निष्ठा और ईमानदारी से निभाया। माह की पहली तारीख को वेतन वितरण सुनिश्चित करना उनकी कार्यशैली का हिस्सा था
उनके जीवन के ऐसे ही कई प्रेरणादायक प्रसंग आज भी लोगों के दिलों में जीवित हैं। परिवार और समाज के लिए उनका योगदान हमेशा याद किया जाएगा।
यह लेख उनके पुत्र धीरज कुमार रजक द्वारा अपने पिता को श्रद्धांजलि स्वरूप लिखा गया है, जो न केवल एक पिता थे, बल्कि एक आदर्श शिक्षक और सच्चे मार्गदर्शक भी थे।

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सतीश यादव

मैं सतीश यादव, बस्तर–कांकेर (छत्तीसगढ़) से हूँ और Hak Ki Awaj News का चीफ एडिटर हूँ। मेरा प्रयास है कि आम लोगों की आवाज़ और सच्चाई को बेखौफ तरीके से सामने लाया जाए। ताज़ा अपडेट के लिए Telegram और WhatsApp पर हमारे साथ जुड़ें।

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